बतकही
मोको काहूँ ना मिला जासूं कहूं निसंक
Friday, October 18, 2013
No comments:
Post a Comment
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
(no title)
हाल ही के दिनों में आयी“Wednesday” वेड्नेसडॆ मात्र मनोरंजन करने वाली एक फिल्म नहीं थी उसने वह कर दि...
गली में घर का निशां ढूंढ्ता रहा बरसों......
मैं कायनात में,सय्यारों में भट्कता था धुएं में धूल में उलझी हुई किरन की तरह मैं इस जमीं पे भट्कता रहा हूं सदियों तक गिरा है वक्त से कट्कर जो...
No comments:
Post a Comment